नई दिल्ली: बढ़ते डिजिटल फ्रॉड और साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए Reserve Bank of India (RBI) एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। प्रस्तावित नियमों के तहत ₹10,000 से ज्यादा के डिजिटल ट्रांजेक्शन पर कूलिंग पीरियड लागू किया जा सकता है।
अगर यह नियम लागू होता है, तो UPI या IMPS के जरिए भेजी गई बड़ी रकम तुरंत ट्रांसफर नहीं होगी, बल्कि उसे करीब 1 घंटे तक होल्ड पर रखा जा सकता है।
⏱️ क्या है नया प्रस्ताव?
👉 ₹10,000 से अधिक के ट्रांजेक्शन पर 1 घंटे का कूलिंग पीरियड
👉 इस दौरान ग्राहक ट्रांजेक्शन को रद्द (Cancel) भी कर सकेगा
👉 RBI ने इस प्रस्ताव पर 8 मई तक सुझाव मांगे हैं
📊 क्यों लिया जा रहा यह फैसला?
डिजिटल फ्रॉड के मामलों में लगातार तेजी देखी जा रही है।
👉 2021 में फ्रॉड राशि: ₹551 करोड़
👉 2025 में बढ़कर: ₹22,000 करोड़+
👉 खास बात:
- ₹10,000 से ऊपर के ट्रांजेक्शन
- कुल फ्रॉड का लगभग 98% हिस्सा कवर करते हैं
🛑 ‘Kill Switch’ पर भी विचार
RBI एक और अहम फीचर पर काम कर रहा है:
👉 Kill Switch – एक बटन से सभी डिजिटल पेमेंट बंद
👉 UPI, कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग एक साथ disable किए जा सकेंगे
👴 सीनियर सिटीजन के लिए नया नियम
👉 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए
👉 ₹50,000 से ऊपर ट्रांसफर पर
👉 Trusted Person की मंजूरी जरूरी हो सकती है
💰 बड़े ट्रांजेक्शन पर सख्ती
👉 25 लाख रुपये से अधिक की राशि
👉 खाते में सीधे जमा नहीं होगी
👉 पहले बैंक वेरिफिकेशन करेगा
📝 निष्कर्ष
RBI का यह प्रस्ताव डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम नियम लागू होने से पहले इसमें बदलाव भी संभव है।

