नई दिल्ली: करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से चर्चा में चल रहा 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) अब जमीन पर सक्रिय होता दिख रहा है। आयोग ने अप्रैल और मई 2026 में यूनियनों और संगठनों के साथ बैठकों का शेड्यूल तय कर दिया है।
📅 दिल्ली में कब होंगी बैठकें?
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली में आयोग की बैठकें 28, 29 और 30 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएंगी।
हालांकि, इन बैठकों में शामिल होने के लिए एक तय प्रक्रिया अपनानी होगी।
👉 इच्छुक यूनियन या संगठन को पहले 8cpc.gov.in पर अपना मेमोरेंडम जमा करना होगा
👉 इसके बाद उन्हें एक यूनिक मेमो आईडी दी जाएगी
👉 इसी आईडी के साथ 20 अप्रैल 2026 तक ईमेल के जरिए अपॉइंटमेंट के लिए अनुरोध करना होगा
बैठक का समय और स्थान बाद में सूचित किया जाएगा।
📍 पुणे में 4 और 5 मई को बैठक
आयोग ने पुणे में भी बैठकों का कार्यक्रम तय किया है।
👉 4 और 5 मई 2026 को पुणे में यूनियनों और संगठनों से बातचीत होगी
👉 यहां भी वही प्रक्रिया लागू होगी—पहले मेमोरेंडम जमा करना अनिवार्य है
जो संगठन इस प्रक्रिया का पालन नहीं करेंगे, उन्हें बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
💼 कंसल्टेंट भर्ती भी शुरू
बैठकों के साथ ही आयोग ने एक और अहम कदम उठाया है।
👉 कंसल्टेंट पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है
👉 फुल-टाइम कंसल्टेंट को ₹1.80 लाख प्रति माह तक सैलरी मिल सकती है
👉 पार्ट-टाइम विकल्प भी उपलब्ध है
आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
📊 क्या है इसका मतलब?
8वें वेतन आयोग की यह गतिविधियां संकेत देती हैं कि अब वेतन संशोधन को लेकर प्रक्रिया तेज हो सकती है।
👉 यूनियनों और संगठनों की राय के आधार पर आगे की सिफारिशें तैयार की जाएंगी
👉 इससे केंद्रीय कर्मचारियों को भविष्य में वेतन वृद्धि और भत्तों में बदलाव की उम्मीद बढ़ गई है
📝 निष्कर्ष
8वां वेतन आयोग अब सक्रिय रूप से काम शुरू कर चुका है। दिल्ली और पुणे में होने वाली बैठकें इस दिशा में बड़ा कदम हैं। आने वाले समय में इससे जुड़े और बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।

