मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब भारत में भी साफ दिखने लगा है। एलपीजी (रसोई गैस) की कमी ने उद्योगों से लेकर आम जनजीवन तक को प्रभावित कर दिया है। राजस्थान, मुंबई और गुजरात समेत कई राज्यों में हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं।
🏭 फैक्ट्रियों पर पड़ रहा ताला
राजस्थान में एलपीजी संकट के कारण कई उद्योग प्रभावित हुए हैं। कपड़ा, सिरेमिक और मार्बल इंडस्ट्री में काम ठप होने लगा है। कमर्शियल गैस की कमी के चलते फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
🚶♂️ रेलवे स्टेशनों पर मजदूरों की भीड़
जयपुर रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अजमेर-सियालदह ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची। बड़ी संख्या में मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल लौटने के लिए ट्रेन में चढ़ने लगे।
रोजगार ठप होने के कारण मजदूर अब अपने गांव लौटने को मजबूर हैं।
💰 मुंबई में गैस के लिए लंबी कतारें
मुंबई में हालात और भी गंभीर हैं। यहां लोग एक सिलेंडर के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। कालाबाजारी के कारण गैस सिलेंडर की कीमतें दोगुनी-तीन गुनी तक पहुंच गई हैं।
🏙️ सूरत में भी बढ़ा संकट
गुजरात के सूरत शहर में भी एलपीजी की भारी कमी देखी जा रही है। घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह की गैस की सप्लाई प्रभावित है, जिससे उद्योग और आम लोग दोनों परेशान हैं।
☎️ हेल्पलाइन भी बेअसर
बगरू इंडस्ट्री एसोसिएशन के महासचिव नवनीत झालानी के अनुसार, उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 14435 पर कई बार कॉल किया, लेकिन कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी।
🌾 मजदूरों का पलायन जारी
मजदूरों का कहना है कि शहरों में काम नहीं बचा है, इसलिए गांव लौटना ही बेहतर है। गांव में कम से कम भोजन और रहने की व्यवस्था संभव है।
🌍 क्यों बढ़ा संकट?
विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के कारण गैस सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है।
🏁 निष्कर्ष
एलपीजी संकट ने देशभर में आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर दिया है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

