नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। खासकर प्रवासी मजदूरों, छोटे कारोबारियों और कम आय वाले परिवारों के लिए अब रसोई चलाना भी चुनौती बनता जा रहा है। 5 किलो का छोटा सिलेंडर, जो पहले सस्ता विकल्प माना जाता था, अब बजट से बाहर होता जा रहा है।
⚠️ बढ़ती कीमतों ने बिगाड़ा घरेलू बजट
दिल्ली के कई इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि
👉 गैस के बढ़ते दामों से मासिक खर्च पर सीधा असर पड़ा है
प्रेम नगर में रहने वाले 25 वर्षीय मजदूर चंदन पोद्दार बताते हैं कि
👉 करीब 18 हजार रुपये की आय में घर चलाना मुश्किल हो रहा है
👉 पहले 5 किलो सिलेंडर 10 दिन तक चलता था, अब हर बार भरवाना भारी पड़ रहा है
📊 कीमतों में भारी उछाल
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी का असर एलपीजी पर भी पड़ा है।
👉 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 47.8% तक बढ़ी
👉 पहले जहां इसकी कीमत लगभग ₹2,078 थी, अब बढ़कर ₹3,071 तक पहुंच गई है
👉 इसके साथ ही 5 किलो का छोटा सिलेंडर भी महंगा हो गया है
🔥 मजबूरी में चूल्हे की ओर लौट रहे लोग
दिल्ली के कई इलाकों जैसे चिल्ला खादर में
👉 लोग अब गैस छोड़कर लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने लगे हैं
👉 कई घरों में गैस सिलेंडर खाली पड़े हैं
👉 लोग सस्ते विकल्प अपनाने को मजबूर हैं
🧑💼 मिडिल क्लास और स्टूडेंट्स पर भी असर
एलपीजी महंगी होने का असर अब सिर्फ गरीबों तक सीमित नहीं रहा
👉 छोटे कारोबारियों और स्ट्रीट वेंडर्स की लागत बढ़ गई है
👉 PG और किराए पर रहने वाले छात्रों को इंडक्शन जैसे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं
👉 कई जगह काम के साथ मिलने वाला खाना भी बंद हो गया है
📝 निष्कर्ष
एलपीजी की बढ़ती कीमतों ने दिल्ली में आम आदमी की रसोई पर सीधा असर डाला है।
यदि कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

